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  राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरसाना में नियमित कक्षाएँ एवं नवीन नामांकन में वृद्धि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरसाना में वर्तमान शैक्षणिक सत्र के दौरान शिक्षण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है। विद्यालय में नियमित रूप से कक्षाएँ लगाई जा रही हैं तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति भी संतोषजनक बनी हुई है। शिक्षकगण समय पर विद्यालय पहुँचकर निर्धारित समय-सारणी के अनुसार अध्यापन कार्य कर रहे हैं, जिससे विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण निरंतर मजबूत हो रहा है। विद्यालय प्रशासन एवं शिक्षकों के प्रयासों से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ी है। नियमित पढ़ाई, अनुशासन तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के कारण विद्यालय में नवीन नामांकन में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से अभिभावक अपने बच्चों को इस विद्यालय में प्रवेश दिलाने के लिए आगे आ रहे हैं। यह विद्यालय की बढ़ती हुई प्रतिष्ठा और विश्वास का प्रमाण है। विद्यालय में छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन, संस्कार एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। शिक्षकों द्वारा बच्चों को समय-समय पर मार्गदर्श...
  राजस्थान में प्रवेशोत्सव: शिक्षा से जुड़ने का उत्सव (रा.उ.मा.वि. हरसाना के विशेष संदर्भ में) राजस्थान सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने तथा हर बच्चे को विद्यालय से जोड़ने के उद्देश्य से “प्रवेशोत्सव” कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। यह अभियान राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में बड़े उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया जाता है। प्रवेशोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा के अधिकार और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सामाजिक आंदोलन है। प्रवेशोत्सव का उद्देश्य प्रवेशोत्सव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके अंतर्गत नए विद्यार्थियों का विद्यालय में नामांकन ड्रॉपआउट विद्यार्थियों को वापस स्कूल लाना अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना जैसे कार्य किए जाते हैं। रा.उ.मा.वि. हरसाना में प्रवेशोत्सव का आयोजन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरसाना में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम विद्यालय परिवार द्वारा उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर को सजाया...
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  हरसाना स्कूल में प्रवोत्सव का आयोजन:  हरसाना गांव में जनसंपर्क अभियान हरसाना, लक्ष्मणगढ़।  आज राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हरसाना में  "प्रवोत्सव"  कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के  प्रधानाचार्य सहित समस्त स्टाफ  ने  इंद्रा कॉलोनी और हरसाना गांव  के निवासियों के साथ जनसंपर्क कर  बच्चों के स्कूल प्रवेश (एडमिशन) संबंधी जानकारी साझा की । प्रवोत्सव का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना नए शैक्षणिक सत्र में छात्रों का नामांकन बढ़ाना अभिभावकों को स्कूल की शैक्षणिक सुविधाओं से अवगत कराना         जनसंपर्क अभियान की मुख्य बातें प्रधानाचार्य द्वारा  अभिभावकों को स्कूल की  नई डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासेज और छात्रवृत्ति योजनाओं  की जानकारी दी गई। शिक्षकों ने  गाँव-गाँव जाकर  बालिका शिक्षा, नामांकन प्रक्रिया और मुफ्त यूनिफॉर्म/किताबों  के बारे में समझाया। इंद्रा कॉलोनी  में विशेष चौपाल लगाकर  प्रवेश संबंधी दस्तावेजों (जन्म प्रमाणपत्र, ...
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  राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक गान का आयोजन स्थान: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरसाना समय: प्रातः 10:00 बजे आज राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरसाना में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सामूहिक राष्ट्रगीत गान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राजस्थान शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार सभी विद्यालयों में एक साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10 बजे विद्यालय के प्रधानाचार्य के मार्गदर्शन में हुआ। समस्त विद्यार्थी, शिक्षकगण एवं स्टाफ सदस्य राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत होकर एक स्वर में ‘वंदे मातरम्’ का गान किया। विद्यालय प्रांगण देशभक्ति की भावना से गूंज उठा। प्रधानाचार्य महोदय ने अपने उद्बोधन में कहा कि “राष्ट्रगीत वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारे स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है। यह हमें राष्ट्रप्रेम, एकता और समर्पण की प्रेरणा देता है।” कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने देशभक्ति के नारे लगाए और देश के प्रति अपनी निष्ठा को दोहराया। इस अवसर पर विद्यालय में उत्साह और गर्व का वातावरण व्याप्त रहा।
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राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरसाना में अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) का सफल आयोजन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरसाना में अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) का आयोजन उत्साहपूर्वक एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस बैठक का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुशासन, व्यवहार तथा समग्र विकास पर अभिभावकों और शिक्षकों के मध्य सार्थक संवाद स्थापित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा स्वागत भाषण से किया गया। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया और कहा कि घर और विद्यालय के बीच सहयोग ही शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाता है। बैठक में शिक्षकों ने विद्यार्थियों के अध्ययन, उपस्थिति एवं परीक्षा परिणामों की जानकारी दी। अभिभावकों ने भी अपने विचार, सुझाव और अनुभव साझा किए, जिससे शिक्षण प्रक्रिया को और बेहतर बनाने की दिशा में उपयोगी मार्गदर्शन मिला। प्रधानाचार्य महोदय ने कहा कि विद्यार्थी की प्रगति तभी संभव है जब शिक्षक, अभिभावक और छात्र – तीनों मिलकर एक साझा लक्ष्य के लिए कार्य करें। उन्होंने सभी अभिभावकों का विद्यालय में पधारने और बच्...
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  खेलों से बढ़ता आत्मविश्वास हाल ही में रा.उ.मा. विद्यालय हरसाना की हैंडबॉल छात्रा टीम ने ज़िला स्तरीय टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर विजेता स्थान प्राप्त किया। यह प्रतियोगिता सोफिया स्कूल, अलवर में आयोजित की गई थी। इस सफलता पर विद्यालय में विशेष सम्मान समारोह का आयोजन हुआ, जहाँ विजेता छात्राओं का अभिनंदन किया गया। यह उपलब्धि केवल खेल मैदान की जीत नहीं है, बल्कि यह छात्राओं की मेहनत, लगन और सामूहिक सहयोग का प्रतीक है। खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। इनमें सहभागिता से अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सहयोग की भावना विकसित होती है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं का खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन समाज के लिए प्रेरणादायक है। इससे बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण मज़बूत होता है और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होते हैं। विद्यालय प्रबंधन और प्रशिक्षकों का यह प्रयास प्रशंसनीय है कि उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित कर इस मुकाम तक पहुँचाया। आज आवश्यकता है कि ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को निरंतर अवसर और संसाधन मिलते रहें, ताकि वे रा...
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राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरसाना   हिंदी दिवस 2025: इतिहास, महत्व, तथ्य और हमारी मातृभाषा का गौरव 🌸हिंदी दिवस: हमारी मातृभाषा का गौरव🌸    ✨ प्रस्तावना भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है। यहाँ अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं, लेकिन हिंदी का स्थान सबसे खास है। हिंदी न केवल हमारी मातृभाषा है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और एकता की पहचान भी है। हिंदी हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखती है और यही कारण है कि हर साल 14 सितंबर को पूरे देश में हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें अपनी भाषा पर गर्व करने और उसके प्रचार-प्रसार का संकल्प लेने का अवसर देता है।   📖 हिंदी दिवस का इतिहास   संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को हिंदी को भारत की राजभाषा घोषित किया। इसके लिए देवनागरी लिपि को चुना गया। इसके बाद 1953 से हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई। इस दिन हम हिंदी के महत्व को समझते हैं और इसे जीवन के हर क्षेत्र में अपनाने की कोशिश करते हैं।  📌 हिंदी दिवस से जुड़े कुछ तथ्य   हिंदी को राजभाषा घोषित किया गया : 14 सितंबर 1949 पहला हिंदी दिवस मनाया गया : 1...